ब्लैक स्पॉट पर गूगल संग काम, “डिजिटल अरेस्ट” से सावधान रहने की अपील— आईजी राहुल प्रकाश
अलवर। जयपुर रेंज के आईजी राहुल प्रकाश ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए पुलिस अब ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने के कार्य में तेजी ला रही है। इसके लिए गूगल के साथ मिलकर तकनीकी स्तर पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आगामी एक से डेढ़ महीने में यह सिस्टम ऑनबोर्ड हो जाएगा, जिससे वाहन चालकों को समय रहते खतरनाक स्थानों की जानकारी मिल सकेगी और हादसों में कमी आएगी।
आईजी राहुल प्रकाश ने “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर हो रहे साइबर ठगी के मामलों पर भी चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई वैधानिक प्रावधान नहीं है, लेकिन इसके बावजूद लोग डर के कारण ठगों के झांसे में आकर बड़ी रकम गंवा रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसे किसी भी कॉल से घबराने के बजाय तुरंत अपने परिजनों, मित्रों या पुलिस से संपर्क करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी लोगों को मानसिक रूप से डराकर कई दिनों तक अपने प्रभाव में रखते हैं और धीरे-धीरे उनसे पैसे ठग लेते हैं। जयपुर रेंज में साइबर क्राइम के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है और हाल ही में चलाए गए “म्यूल हंटर” अभियान में अलवर जिले में अच्छे परिणाम सामने आए हैं।
आईजी ने कहा कि साइबर क्राइम में सीधे तौर पर पुलिस की संलिप्तता के मामले सामने नहीं आए हैं, लेकिन यदि किसी प्रकार की शिकायत मिलती है तो उसकी गहन जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाती है। पूर्व में भी शिकायतों के आधार पर पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है। उन्होंने बताया कि वे अलवर में पुलिस विभाग के प्रमोशन टेस्ट के सिलसिले में आए थे।
गोविंदगढ़ थाने में हुई पथराव की घटना को गंभीर बताते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और आगे भी कार्रवाई जारी है।
लेन ड्राइव सिस्टम से घटे हादसे
आईजी राहुल प्रकाश ने बताया कि जयपुर रेंज में लेन ड्राइव सिस्टम लागू किया गया है, जिसकी शाहजहांपुर से दूदू तक करीब 90 प्रतिशत पालना हो रही है। इससे सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है। हालांकि, नेशनल एक्सप्रेस-वे क्षेत्र में तेज रफ्तार और सीमित पुलिसिंग के कारण नियमों का पालन कम हो पाता है। अब एनएचएआई के आईटीएमएस कैमरों के माध्यम से लेन उल्लंघन करने वालों के ऑनलाइन चालान किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर साइड में वाहन खड़ा करना हादसों का बड़ा कारण बन रहा है, जिस पर रोजाना कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, अलवर और दौसा में हाईवे मोबाइल यूनिट तैनात करने और एक्सप्रेस-वे के रेस्ट एरिया में पुलिस चौकियां स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि दुर्घटनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया दी जा सके।
