ससेरी गांव में स्वच्छता जागरूकता अभियान, कचरा प्रबंधन के प्रति ग्रामीणों को किया प्रेरित
करौली! जिले के ससेरी गांव में स्वच्छ भारत अभियान के तहत एक प्रभावी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम एसबीआई (स्टेट बैंक ऑफ इंडिया) एवं आँचल चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन के प्रति लोगों को जागरूक करना और स्वच्छता के महत्व को जन-जन तक पहुंचाना रहा।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को कचरे के सही प्रबंधन के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि घरों से निकलने वाले गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखना कितना जरूरी है और इससे पर्यावरण को कैसे लाभ पहुंचता है। साथ ही, कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के तरीकों पर भी प्रकाश डाला गया, ताकि गांव में स्वच्छता बनी रह सके।
विशेष रूप से कार्यक्रम में कम्पोस्ट (जैविक खाद) बनाने की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। इसमें बताया गया कि कैसे घरेलू जैविक कचरे जैसे फल-सब्जियों के छिलकों और अन्य अपशिष्ट से खाद तैयार की जा सकती है। इस प्रक्रिया को सरल तरीके से समझाकर ग्रामीणों को इसे अपने घरों और खेतों में अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। इससे न केवल कचरे का बेहतर उपयोग संभव है, बल्कि खेती में भी रासायनिक खाद पर निर्भरता कम की जा सकती है।
इस अभियान में कुल 110 स्कूली बच्चों और 80 सामुदायिक सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने और अपने गांव को स्वच्छ एवं स्वस्थ बनाए रखने का संकल्प लिया। बच्चों ने भी अपने परिवार और आसपास के लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का वादा किया।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी उपस्थित लोगों से अपील की कि वे स्वच्छता को केवल एक दिन का अभियान न मानकर इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करें। साथ ही, अपने आसपास के लोगों को भी स्वच्छता के प्रति प्रेरित करने का संदेश दिया गया, ताकि ससेरी गांव को एक आदर्श स्वच्छ गांव बनाया जा सके।
