12 साल बाद अलवर में फिर गूंजा बास्केटबॉल का रोमांच, नेशनल-इंटरनेशनल खिलाड़ियों की धरती पर सजा खेल महाकुंभ
अलवर। अलवर में एक बार फिर बास्केटबॉल का सुनहरा दौर लौटता नजर आ रहा है। 12 साल बाद शहर में मेजर राजेंद्र सिंह स्मृति बास्केटबॉल प्रतियोगिता 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इससे पहले वर्ष 2014 में इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का आयोजन हुआ था। लंबे अंतराल के बाद दोबारा शुरू हुई इस प्रतियोगिता ने खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और पुराने खिलाड़ियों में नई ऊर्जा भर दी है।
मेजर राजेंद्र सिंह स्वयं राष्ट्रीय स्तर के पदक विजेता खिलाड़ी रहे हैं। खेल के प्रति उनके योगदान और उपलब्धियों को सम्मान देने के उद्देश्य से इस प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। अलवर की पहचान केवल जिले तक सीमित नहीं रही, बल्कि यहां की बास्केटबॉल प्रतियोगिताएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी छाप छोड़ चुकी हैं। यही कारण है कि अलवर को राजस्थान में बास्केटबॉल की मजबूत नर्सरी माना जाता है।
अलवर जिले से कई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं। यहां के खिलाड़ियों ने विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल जीतकर जिले का नाम रोशन किया है। कई खिलाड़ी आज सरकारी सेवाओं में कार्यरत हैं और नई पीढ़ी को खेलों के प्रति प्रेरित कर रहे हैं। जिले में बास्केटबॉल का मजबूत खेल ढांचा और अनुभवी कोचों की मेहनत का ही परिणाम है कि यहां से लगातार प्रतिभाएं निकलती रही हैं।
जानकारी के अनुसार अलवर की बास्केटबॉल से जुड़े करीब सात अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी, 35 से 40 इंडिया मेडलिस्ट तथा सैकड़ों राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी लड़के और लड़कियां सक्रिय रूप से खेल रहे हैं। यह उपलब्धि किसी भी जिले के लिए गर्व की बात मानी जाती है।
प्रतियोगिता के संयोजक पंडित गोपाल शर्मा ने बताया कि इस बार टूर्नामेंट में पुरुष वर्ग की छह और महिला वर्ग की तीन टीमें भाग ले रही हैं। प्रतियोगिता में जिले के टॉप 100 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इनमें कई ऐसे खिलाड़ी भी शामिल हैं जो राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं। मुकाबलों के संचालन के लिए 10 रेफरी निर्णायक मंडल में शामिल किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता का आयोजन दूधिया रोशनी में किया जा रहा है, जिससे रात के मुकाबले खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। शाम होते ही कोर्ट पर खिलाड़ियों का उत्साह और दर्शकों की तालियां पूरे माहौल को रोमांचक बना रही हैं।
बाहर से आए खिलाड़ी व रेफरी का कहना है कि ऐसे आयोजन न केवल युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करते हैं, बल्कि जिले की पुरानी खेल संस्कृति को भी नई पहचान देते हैं। लंबे समय बाद आयोजित यह प्रतियोगिता अलवर में बास्केटबॉल के स्वर्णिम इतिहास को फिर से जीवंत करती नजर आ रही है।
