Sunday, October 18, 2026
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पंचायत चुनाव को लेकर भाजपा ने तेज की संगठनात्मक तैयारियां, टिकट वितरण से लेकर ईडब्ल्यूएस और छात्र राजनीति पर भी रखी बात

श्याम सुंदर शर्मा

 

 अलवर। राजस्थान में आगामी पंचायत चुनावों को लेकर भाजपा ने अपनी संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। भाजपा के राजस्थान प्रभारी ने कहा कि शहरी निकायों के चुनाव के बाद अब ग्रामीण सरकारों के चुनाव होने हैं। गांवों के विकास के लिए सत्ता का विकेंद्रीकरण जरूरी है और मजबूत ग्रामीण सरकार के माध्यम से विकास योजनाओं को गांवों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है।

पंचायत चुनाव में भाजपा की रणनीति और ग्रामीण क्षेत्रों में संगठन की स्थिति को लेकर उन्होंने कहा कि चुनाव में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। कार्यकर्ताओं को लगातार मेहनत करनी होगी और बूथ से लेकर गांव तथा मंडल स्तर तक संगठन को सक्रिय रखना होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा का संगठन प्रदेश में मजबूत है और कार्यकर्ता गांव से लेकर शहर तक लगातार काम कर रहे हैं। कार्यकर्ता पूरी ताकत और समर्पण के साथ मैदान में उतरेंगे तो शहर हो या गांव, चुनाव में अच्छे परिणाम सामने आ सकते हैं।

गांवों के विकास पर जोर

भाजपा राजस्थान प्रभारी ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार है और सरकार की प्राथमिकता केवल बड़े हाईवे या राष्ट्रीय स्तर की परियोजनाओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए। गांवों में भी विकास की मजबूत आधारभूत सुविधाएं पहुंचना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पानी, शिक्षा, रोजगार और अन्य सुविधाओं के विकास के लिए पंचायत स्तर की सरकारों की भूमिका महत्वपूर्ण है।

उन्होंने पंचायत चुनाव को संगठन के लिए भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं को जनता के बीच जाकर सरकार की योजनाओं और पार्टी के कार्यक्रमों की जानकारी देनी होगी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को समझकर उनके समाधान के लिए काम करना होगा।

छात्र राजनीति में युवाओं को आगे बढ़ाने की बात

युवाओं और छात्र राजनीति को लेकर उन्होंने कहा कि देश के बच्चे और युवा ही भविष्य हैं। भाजपा हमेशा ऐसे युवाओं को आगे बढ़ाने की पक्षधर रही है, जो निष्पक्ष और निस्वार्थ भाव से काम करना चाहते हैं। उन्होंने दिल्ली और पंजाब में हुए छात्रसंघ चुनावों का उदाहरण देते हुए दावा किया कि भाजपा की विचारधारा से जुड़े छात्रों को वहां सफलता मिली है।

उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल राजनीति में संख्या के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि उन्हें नेतृत्व की जिम्मेदारी भी मिलनी चाहिए। छात्र राजनीति से निकलने वाले युवा आगे चलकर सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

ईडब्ल्यूएस के लाभ को लेकर बोले

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी ईडब्ल्यूएस से जुड़े सवाल पर भाजपा राजस्थान प्रभारी ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आगे बढ़ने के लिए अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि संसद में भी उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों से जुड़े विषयों को उठाया है। उम्र में छूट जैसे मामलों पर भी उन्होंने सवाल किए हैं।

उन्होंने कहा कि कई गरीब लोग संसाधनों और अवसरों की कमी के कारण पीछे रह जाते हैं। ऐसे लोगों को सरकारी सुविधाओं और अवसरों का लाभ मिलना चाहिए, ताकि वे भी आगे बढ़ सकें।

टिकट वितरण पर सामूहिक निर्णय की बात

पार्टी में टिकट वितरण और अन्य निर्णयों को लेकर उन्होंने कहा कि भाजपा किसी एक परिवार की पार्टी नहीं है। पार्टी में फैसले सामूहिक प्रक्रिया के तहत होते हैं। उन्होंने बताया कि कई निर्णय जमीनी स्तर से शुरू होकर जिला और प्रदेश स्तर तक पहुंचते हैं।

उनके अनुसार, जहां जिला स्तर पर सहमति बन जाती है, वहां प्रदेश स्तर पर उस नाम या प्रस्ताव पर निर्णय किया जाता है। वहीं, यदि एक से अधिक नाम होने के कारण सहमति नहीं बनती है तो चुनाव समिति के स्तर पर निर्णय लिया जाता है। उन्होंने इसे पार्टी की संगठनात्मक प्रक्रिया का हिस्सा बताया।

सत्ता परिवर्तन के ट्रेंड पर जताई उम्मीद

राजस्थान में सरकार बदलने के राजनीतिक ट्रेंड को लेकर भाजपा राजस्थान प्रभारी ने हरियाणा का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि हरियाणा में भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार में है। राजस्थान को लेकर उन्होंने कहा कि यह भैरोंसिंह शेखावत जैसे नेताओं की राजनीतिक धरती रही है और प्रदेश में भाजपा संगठन की पुरानी एवं मजबूत परंपरा रही है।

उन्होंने कहा कि इस बार भाजपा के कार्यकर्ता पूरी तरह तैयार हैं और लोगों के बीच जाकर पार्टी का पक्ष रख रहे हैं। उन्होंने पंचायत चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन को लेकर सकारात्मक परिणाम की उम्मीद जताई।

जैसलमेर से परिवार का पुराना संबंध

राजस्थान से अपने पारिवारिक जुड़ाव का जिक्र करते हुए भाजपा राजस्थान प्रभारी ने बताया कि उनके बुजुर्ग जैसलमेर से जुड़े रहे हैं। बाद में परिवार के लोग मुल्तान चले गए। वर्ष 1947 में देश के विभाजन के दौरान परिवार को दूसरी जगह जमीन आवंटित हुई।

उन्होंने कहा कि राजस्थान की मिट्टी से उनका भावनात्मक रिश्ता आज भी कायम है। उन्होंने जल्द ही उस स्थान पर जाने की इच्छा जताई, जहां उनके बुजुर्गों की स्मृतियां और उनकी मिट्टी जुड़ी हुई है।

बाड़ेबंदी को लेकर कांग्रेस पर निशाना

नगर निकाय चुनाव के बाद पार्षदों की बाड़ेबंदी से जुड़े सवाल पर उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब किसी दल या निर्दलीय उम्मीदवार से जुड़े लोगों की इच्छा के अनुरूप राजनीतिक निर्णय नहीं होता तो कई बार संबंधित लोग एक स्थान पर एकत्र हो जाते हैं।

उन्होंने कांग्रेस के पुराने राजनीतिक घटनाक्रम का हवाला देते हुए कहा कि पहले भी कांग्रेस के विधायक एक साथ बाहर चले गए थे। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक राजनीति में होने वाली राजनीतिक गतिविधियों का हिस्सा बताया।

विपक्ष की ओर से भाजपा पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों का दृष्टिकोण सभी परिस्थितियों में एक जैसा होना चाहिए। उनका कहना था कि जहां विपक्ष की सरकार बनती है, वहां प्रक्रिया को ठीक बताया जाता है, लेकिन चुनाव में अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने पर अलग-अलग तरह के आरोप लगाए जाते हैं। उन्होंने राजनीतिक दलों से हर स्थिति में समान दृष्टिकोण अपनाने की बात कही।

 

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