ईवीएम और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर कांग्रेस का अलवर में प्रदर्शन, बेरिकेडिंग तोड़ने पर पुलिस से धक्का-मुक्की
श्याम सुंदर शर्मा
अलवर
अलवर में मंगलवार को चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के आरोपों को लेकर मिनी सचिवालय पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस की ओर से लगाई गई बेरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके चलते कुछ देर तक कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे खदेड़ दिया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की। कुछ समय बाद कार्यकर्ताओं ने खुद को गिरफ्तारी के लिए पेश किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें तीन बसों में बैठाकर प्रदर्शन स्थल से दूर ले गई।
देशभर में कांग्रेस की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। कांग्रेस चुनाव आयोग पर मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं और पारदर्शिता की कमी के आरोप लगा रही है। चुनाव आयोग इन आरोपों को स्वीकार नहीं करता और चुनावी प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के तहत संचालित किए जाने की बात कहता रहा है।
मालवीय नगर चौराहे से निकला जुलूस
जिला कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर कांग्रेस कार्यकर्ता शहर के मालवीय नगर चौराहे पर एकत्र हुए। यहां से कार्यकर्ता जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए मिनी सचिवालय की ओर रवाना हुए। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने मिनी सचिवालय से कुछ दूरी पर बेरिकेडिंग कर रास्ता रोक दिया था।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बेरिकेडिंग के पास पहुंचकर आगे बढ़ने का प्रयास किया। कुछ कार्यकर्ताओं ने बेरिकेडिंग पर चढ़ने और उसे हटाने की कोशिश की। पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई।
बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे की ओर कर दिया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ भी नारे लगाए गए।
मिनी सचिवालय के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से मिनी सचिवालय और आसपास के क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। मुख्य मार्ग को भी कुछ समय के लिए बंद रखा गया। पुलिस बल की मौजूदगी के बीच काफी देर तक प्रदर्शन और नारेबाजी का दौर चलता रहा।
बाद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी देने का आह्वान किया। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बसों में बैठाकर मौके से दूर ले जाकर कार्रवाई पूरी की।
प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश गंगावत ने किया। इस दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष योगेश मिश्रा, पार्टी नेता अजीत यादव, पूर्व पार्षद नरेंद्र मीणा, शहर अध्यक्ष रमन सैनी, अंकित गोयल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने लगाए ये आरोप
कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रकाश गंगावत ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के नाम पर मतदाताओं के अधिकार प्रभावित किए जा रहे हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस लगातार सवाल उठा रही है।
गंगावत ने कहा कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त ने इस्तीफा नहीं दिया तो कांग्रेस की ओर से चुनाव आयोग के खिलाफ बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
कांग्रेस का यह विरोध देशभर में चल रहे उसके अभियान का हिस्सा है। कांग्रेस की शीर्ष कार्यसमिति ने भी 29 सितंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और एसआईआर प्रक्रिया को रोकने सहित कई मांगें उठाई हैं।
चुनाव आयोग की भूमिका पर देशभर में राजनीतिक विवाद
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार वर्तमान में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त हैं और उन्होंने 19 फरवरी 2025 को पदभार संभाला था।
एसआईआर और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर कांग्रेस सहित विपक्षी दलों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं। दूसरी ओर चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची पुनरीक्षण को चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है। इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
