सरिस्का में 1 अक्टूबर से नए पर्यटन सीजन का आगाज, तीन माह बाद फिर गूंजेगी जंगल सफारी की आवाज
प्रेम पाठक
अलवर। एनसीआर के प्रमुख टाइगर रिजर्व सरिस्का में तीन महीने के इंतजार के बाद एक बार फिर जंगल सफारी का रोमांच शुरू होने जा रहा है। मानसून के चलते एक जुलाई से बंद सरिस्का का कोर पर्यटन क्षेत्र अब एक अक्टूबर से पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा। इसके साथ ही जंगल की पगडंडियों पर एक बार फिर जिप्सी और कैंटर दौड़ते नजर आएंगे और देश-विदेश से आने वाले पर्यटक सरिस्का के प्राकृतिक वातावरण के बीच वन्यजीवों का दीदार कर सकेंगे।
नए पर्यटन सीजन को लेकर सरिस्का प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त हुए सफारी मार्गों की मरम्मत करा दी गई है। इससे सफारी के दौरान पर्यटकों को परेशानी नहीं हो, इसके लिए मार्गों को दुरुस्त किया गया है। पर्यटकों में सरिस्का सफारी को लेकर उत्साह का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अक्टूबर महीने की अधिकांश ऑनलाइन सफारी की बुकिंग पहले ही हो चुकी है।
सरिस्का के सीसीएफ एवं फील्ड डायरेक्टर संग्राम सिंह कटियार ने बताया कि नए पर्यटन सीजन के पहले दिन सुबह छह बजे सफारी की पहली पारी शुरू होगी। इसके बाद दूसरी पारी में भी पर्यटकों को जंगल भ्रमण कराया जाएगा।
तीन माह बाद फिर खुलेगा कोर पर्यटन क्षेत्र
मानसून के दौरान सरिस्का के कोर पर्यटन क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही हर साल एक जुलाई से तीन महीने के लिए बंद रहती है। इस अवधि में मानसून के कारण जंगल के रास्तों की स्थिति प्रभावित होती है और वन्यजीवों की गतिविधियों को देखते हुए भी पर्यटन क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही रोकी जाती है।
अब तीन महीने के अंतराल के बाद एक अक्टूबर से पर्यटन गतिविधियां दोबारा शुरू होने जा रही हैं। लंबे समय से सफारी का इंतजार कर रहे पर्यटकों के लिए यह नया पर्यटन सीजन खास रहने की उम्मीद है। सरिस्का में बाघों की बढ़ती संख्या के साथ पैंथर, चीतल, सांभर और बारहसिंगा सहित अन्य वन्यजीव भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
35 जिप्सी-केंटर से होगा जंगल भ्रमण
नए पर्यटन सीजन में पर्यटकों को जंगल सफारी कराने के लिए सरिस्का प्रशासन ने 35 जिप्सी और कैंटर वाहन तैयार रखे हैं। इन्हीं वाहनों के माध्यम से पर्यटकों को निर्धारित सफारी मार्गों पर जंगल का भ्रमण कराया जाएगा।
सीसीएफ संग्राम सिंह कटियार के अनुसार ऑनलाइन बुकिंग कराने वाले पर्यटकों को प्राथमिकता दी जाएगी। ऑनलाइन बुकिंग के बाद यदि किसी वाहन में सीटें उपलब्ध रहती हैं तो खाली सीटों के आधार पर ऑफलाइन टिकट भी उपलब्ध कराए जा सकते हैं। सफारी के दौरान पर्यटकों को वन विभाग और सरिस्का प्रशासन की ओर से निर्धारित नियमों का पालन करना होगा।
सुबह छह बजे शुरू होगी पहली सफारी
एक अक्टूबर को नए पर्यटन सीजन की पहली सफारी सुबह छह बजे शुरू होगी। दिन में दो पारियों में पर्यटकों को जंगल भ्रमण कराया जाएगा। सुबह की सफारी के दौरान जंगल का वातावरण और वन्यजीवों की गतिविधियां पर्यटकों के लिए खास आकर्षण रहती हैं। वहीं शाम की पारी में भी वन्यजीवों को देखने का अवसर मिलता है।
हालांकि जंगल में वन्यजीवों का दीदार पूरी तरह प्राकृतिक परिस्थितियों पर निर्भर करता है। सफारी के दौरान बाघ-बाघिन के साथ पैंथर, चीतल, सांभर, बारहसिंगा और अन्य वन्यजीव दिखाई दे सकते हैं।
अक्टूबर की अधिकांश बुकिंग पहले ही फुल
सरिस्का में नए पर्यटन सीजन को लेकर पर्यटकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। अक्टूबर महीने की अधिकांश ऑनलाइन सफारी की बुकिंग पहले ही हो चुकी है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि मानसून के तीन महीने बाद पर्यटक एक बार फिर सरिस्का के जंगल में पहुंचने के लिए कितने उत्साहित हैं।
राजस्थान के अलावा दिल्ली-एनसीआर सहित देश के विभिन्न हिस्सों से पर्यटक सरिस्का पहुंचते हैं। विदेशी पर्यटकों के लिए भी सरिस्का आकर्षण का केंद्र रहा है। बाघों की बढ़ती संख्या और प्राकृतिक वन क्षेत्र ने सरिस्का को वन्यजीव पर्यटन के प्रमुख केंद्रों में शामिल किया है।
जंगल में प्लास्टिक और मोबाइल वीडियोग्राफी पर रोक
सरिस्का प्रशासन ने पर्यटकों से जंगल की प्रकृति और वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की है। सफारी के दौरान प्लास्टिक की बोतल ले जाना प्रतिबंधित है। इसके अलावा मोबाइल फोन के माध्यम से वीडियोग्राफी पर भी रोक रहेगी।
सफारी वाहनों में तैनात कार्मिकों को पर्यटकों को नियमों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। वन विभाग का जोर इस बात पर है कि पर्यटन के साथ जंगल की शांति और वन्यजीवों की सुरक्षा भी बनी रहे।
सरिस्का में 56 बाघ, बाघिन और शावक
सरिस्का में वर्तमान में 56 बाघ, बाघिन और शावक हैं। बाघों की संख्या में वृद्धि के साथ सरिस्का की पहचान देश के प्रमुख बाघ संरक्षण क्षेत्रों में और मजबूत हुई है। बाघों के अलावा पैंथर, सांभर, चीतल, बारहसिंगा और अन्य वन्यजीव भी यहां आने वाले पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहते हैं।
तीन महीने तक शांत रहे सरिस्का के पर्यटन क्षेत्र में अब एक अक्टूबर से फिर पर्यटकों की आवाजाही शुरू होगी। सफारी वाहनों के जंगल में प्रवेश के साथ ही पर्यटकों की नजर एक बार फिर बाघों की तलाश में जंगल की पगडंडियों और जलस्रोतों के आसपास टिकी रहेगी। अक्टूबर से शुरू होने वाला नया पर्यटन सीजन सरिस्का के लिए वन्यजीव पर्यटन और स्थानीय पर्यटन गतिविधियों की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण रहेगा।
